Vaseline Success Story In Hindi | 1872-2023

दोस्तों सर्दियां आते ही हमारी त्वचा ठंड के कारण रूखी हो जाती है, जिनके लिए बाजार में कई ऐसी Cream और Moisturizer आते है जो की इस बात का दावा करते है कि इन्हें लगाने के बाद आपकी त्वचा बिल्कुल मक्खन जैसी हो जाएगी, लेकिन उनके तमाम दावा के बाद भी ज्यादातर लोगों का ही एक प्रोडक्ट पर अधिक विश्वास होता है वो है Vaseline।
जी हां, दोस्तों आज के इस पोस्ट के माध्यम से Vaseline के इतिहास व इसकी सफलता की कहानी आप लोगों के साथ साझा करने वाले है।

इतिहास:

साथियों इस कहानी की शुरूआत होती है वर्ष 1859 को जब Robert Chesebrough अपने किसी खास रिसर्च के लिए BROKLIN से Titusville Oil Vile की जहाज से यात्रा कर रहे थे, उस यात्रा के दौरान उन्होंने देखा की जहाज के कामगार है वो जहाज के OIL पाइप के साफ करने के दौरान निकाले गए रोड वैक्स को अपने घाव और चोट पर लगा रहे थे, तभी उन्होंने उन कामगारों से बातचीत की तब उन्हें पता चला की रोड वैक्स लगाने से कुछ ही दिनों में घाव भरने लगते है।
इस घटना के बाद Robert कों आभास हो गया था की इस वैक्स में जरूर कुछ ना कुछ तो खास है जिसके कारण यह घाव और चोट को भर रहे थे, और उन्होंने इस मोटे वैक्स जैसे पदार्थ पर रिसर्च करने की सोची वो यह भलीभांति समझ गए थे कि यह खोज मानव जाति के लिए बहुत ही फायदेमंद होगी, फिर क्या Robert अपनी सारी पुरानी खोजों को छोड़कर उस रोड वैक्स के सेंपल को लेकर BROKLIN चले आए उन्होंने इस पर रिसर्च करना शुरू किया, काफी दिनों की रिसर्च के बाद Robert को पता चला की इस वैक्स का शुद्ध रूप एक तरह की पेट्रोलियम जेली है, जिसमें ऐसे गुण है जो की किसी भी तरह के छोटे-मोटे घाव और ठंड के कारण खराब हुई रूखी त्वचा को ठीक करने की अच्छी खासी क्षमता रखता है, और Robert ने 1872 में वैसलीन नाम के Medicinal उत्पाद का निर्माण शुरू किया, अब आपके भी दिमाग में एक सवाल जरूर आया होगा कि जब पेट्रोलियम जेली रोड वैक्स से बनाई गई थी तो फिर इसका नाम Vaseline ही क्यों रखा गया ?
साथियों Vaseline शब्द दो अलग-अलग शब्दों WASSERALLIONE से मिलकर बना हुआ है, WASSER एक जर्मन शब्द है जिसका मतलब होता है पानी और ALLIONE एक ग्रीक शब्द जिसका मतलब होता है जैतुन का तेल, और Vaseline काम भी ऐसा ही करती है, जिस प्रकार पानी शरीर में करता है वैसे ही यह त्वचा को पानी की पूर्ति करती है।
जिस प्रकार जैतुन का तेल त्वचा का Moisturize और हिल करता है ठीक वैसे ही वैसलीन भी यही काम करती है, बता दें की वैसलीन एक पेट्रोलियम जैली है, जो त्वचा को Moisturize करती है, इसका ना तो कोई कलर होता है और ना ही कोई गंध होती है।

Robert की बाजार नीति:

साथियों वैसलीन की मार्कटिंग कहे या फिर खुद राॅबर्ट का वैसलीन पर अटूट भरोसा कहे लेकिन कहा जाता है की जब तक वो जिंदा थे रोजाना की एक चम्मच वैसलीन खा जाया करते थे जी हां, साथियों बात जरा हैरान कर देने वाली है मगर एकदम सच है।
राॅबर्ट के जीवन में एक और अजीब घटना घटी थी, शायद आपकों यकीन ना हो पर यह बिल्कुल सच है, साथियों जब राॅबर्ट अपनी आधी उम्र पुरी कर रहे थे तब उन्हें PLEURISY हो गई थी जिन्हें नही पता उन्हें बता दे की PLEURISY एक तरह की गंभीर तरह की बीमारी है, जिसमें फेंफड़ों में काफी दर्द रहता है और सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है, तो उन्होंने नर्स से कहा की वो उनके शरीर पर सिर से पैर तक पूरे शरीर पर वैसलीन का लेप कर दे और अपने पूरी तरह से ठीक हो जाने तक राॅबर्ट ने हर दिन सिर्फ सिर से पैर तक पूरे शरीर पर वैसलीन लगाया और वो जब बिल्कुल ठीक हो गए तो उन्होंने अपने ठीक हो जाने का पूरा श्रेय अपने प्रोडक्ट वैसलीन को दिया था यही नही जब शुरूआती दौर में वैसलीन लोगों की पहुंच में नही आई थी या लोगों का वैसलीन पर उतना भरोसा नही था तब राॅबर्ट लोगों के सामने अपना हाथ जला लेते थे और फिर रोज उस पर वैसलीन लगाकर लोगों को वो घाव ठीक करके भी दिखाते थे और इसी बाजारीकरण नीति को अपनाकर राॅबर्ट ने इस प्रोडक्ट के लिए पूरी दुनिया का दरवाजा खोल दिया।

सफ़लता :

साथियों 1987 में यूनिलीवर ने इस Chesebrough कंपनी से वैसलीन का Prodaction खरीद लिया और तब से आज तक यूनिलीवर कंपनी ही वैसलीन को बनाती है, वैसलीन आज अमेरिका की पेट्रोलियम जेली बेस प्रोडक्ट की बड़ी कंपनी है और पुरी दुनिया में आज वैसलीन के अलग-अलग उत्पाद जैसे फेस क्रीम, सोप, बाॅडी लोशन, सैनिटरी, जैसे अनेक उत्पाद काफी ज्यादा लोकप्रिय है।
और बचपन मे तो आपने वो विज्ञापन देखा ही होगा जिसमें कहा जाता है “आम चोरी चप्पा चोरी आ गई गर्मी डोन्ट वरी” इसके अलावा “रौनक की डिब्बिया खुल गई रे” विज्ञापन को तो कौन भूल सकता है।
पेट्रोलियम जेली की खोज के बाद ही पेट्रोलियम जेली की तर्ज पर अनेक उत्पादों को दुनिया भर में एक बहुत ही बड़ा बाजार मिल गया है, आज वैसलीन के लिप बाम से लेकर बाॅडी लोशन तक बाजार में सबकुछ मिल जाता है।
आपकों जानकर हैरानी होगी की अमेरिका में जिस पेट्रोलियम जेली का रेवन्यू साल 2011 में 85 मिलियन यूएस डाॅलर था, उसी का रेवन्यू साल 2020 में 113 मिलियन यूएस डाॅलर तक का हो चुका था, इतने बड़े बाजार और प्रतिस्पर्धा होने के बावजूद वैसलीन की हर छोटी डिब्बी आज भी पुरी दुनिया में इस्तेमाल की जाती है, साथ ही साथ भारत के लगभग हर घर में आज वैसलीन की डिब्बी देखने को मिल जाएगी, कभी होठों पर लिब बाम की तरह, कभी फटी ऐडियों में Moisturizer की तरह तो कभी चोट पर दवाई की तरह हम इसका इस्तेमाल करते है यह हर प्रकार हर स्थिति में अपना काम करती है, साथ ही साथ यह बजट के हिसाब से भी काफी किफायती है जिसकी वजह से हर कोई इस उत्पाद का प्रयोग कर सकता है।
साथियों कभी ना कभी आपने भी वैसलीन का इस्तेमाल करके अपनी त्वचा को सर्दियों से बचाया है तो हमें कमेंट करके जरूर बताऐं वैसलीन पर आपकी क्या राय है।

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