EID al-Adha(बकरीद)- तारीख, इतिहास, महत्व, उत्सव

आप सभी जानते है कि इस्लाम धर्म का सबसे प्रमुख व पवित्र त्योहार बकरीद इस साल 10 जुलाई को मनाई जा रही है। बकरीद को दुनिया भर के इस्लामी देशो में अलग-अलग नामों से भी पुकारा जाता है इसे मुख्यतः ईद-उल-अजहा नाम से भी जानते हैं। इस्लामी मान्यताओं के मुताबिक बकरीद का त्योहार त्याग और बलिदानी का पर्व है।

दिनांक:

30 जून, 2022 को अर्धचंद्राकार धुल हिज्जा चंद्रमा के देखे जाने के बाद सऊदी अरब समेत अनेक इस्लामी देशों ने 9-10 जुलाई को बकरीद का त्योहार मनाने का ऐलान किया है, अनेक बड़े देशों(यूएई, कतर, जाॅर्डन, कुवैत) ने 9 जुलाई को वहीं भारत, पाकिस्तान, मलेशिया, इंडोनेशिया, जापान, हांगकांग और ब्रुनेई ने 10 जुलाई, 2022 को इस त्योहार को मनाने का फैसला किया है।

ईद के करीब 70 दिनों के बाद ईद अल-अजहा या बकरीद दुनिया भर में धूमधाम से मनाया जाता है, बकरीद इस्लामिक कैलेंडर के बारहवें महीनें की 10वीं तारीख को मनाया जाता है।

इतिहास:

इस्लाम धर्म के अनुसार अल्लाह ने हजरत इब्राहिम का इम्तिहान(परीक्षा) ली, अल्लाह ने इब्राहिम से कहा तुम्हारी सबसे पंसदीदा व प्यारी चीज की क्या तुम कुर्बानी दे सकते हो?, इतने में हजरत इब्राहिम ने हाँ भी भर दी, आपकों बता दे कि हजरत इब्राहिम की सबसे प्यारी चीज उनका बेटा इस्माइल था इसके अलावा और उनके पास कुछ देने को था ही नहीं, जब हजरत इब्राहिम अपने बेटे की कुर्बानी के लिए आगे बढ़े तो रास्ते में उनको एक शैतान मिला जिसने हजरत से ऐसा ना करने को कहा, और कहा की कोई ऐसा कैसे कर सकता है? मगर हजरत की अल्लाह के प्रति आस्था के सामने शैतान की एक ना चली, जब हजरत अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए आगे तो उन्होंने अपनी आँखों पर पट्टी बांध ली ताकि पुत्र-मोह उनकी आस्था मे ना आए जैसे ही हजरत ने अपने बेटे की कुर्बानी देकर पट्टी हटाई तो देखा कि उसका बेटा तो एकदम सही सलामत उसके सामने खड़ा है उसकी जगह एक बकरे की बलि चढ़ गई, तब से इस्लाम धर्म में अपने अल्लाह के लिए बकरे की बलि चढ़ाना शुभ माना जाता है।

नमाज:

इस्लाम मान्यताओं के मुताबिक बकरीद के दिन सूर्योदय के बाद और जुहर की नमाज से पहले ईद उल-अजहा की नमाज अदा की जाती है। ईद उल-अजहा की नमाज में दो रकात होती है, जिसमे पहली रकात में सात बार तकबीर और दूसरी रकात में पांच बार तकबीर पढ़ी जाती है। इस प्रार्थना के बाद इमाम द्वार एक उपदेश या खुतबा जारी होता है।
इस दिन दुनिया भर के मुस्लिम पैंगबर इब्राहिम की बलिदान की इच्छा का सम्मान करते हुए अपने अल्लाह को खुश करने के लिए बकरा, भेड़, ऊंट की बलि देकर बकरीद का पावन पर्व मनाते है।
बलि के बाद के भोजन को मुस्लिम 3 बराबर भागों में बांटते है जिसमें एक भाग गरीब के नाम, दुसरा भाग अपने रिष्तेदारों के लिए, व तीसरा भाग अपने लिए रखते है।

इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग एक-दूसरे के घरों मे जाते है गले मिलकर इस पर्व को बड़े ही सौहार्द भाव से मनाते है।
बकरीद के दिन प्रमुख व्यंजन के रूप मुस्लिम समुदाय के लोग मीट का सेवन करते है इसके अलावा भी अनेक प्रकार के व्यंजन बनाए जाते है।

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